महिलाओं की वास्तविक समानता शिक्षा से ही संभव - अंजली

महिलाओं की वास्तविक समानता शिक्षा से ही संभव - अंजली

रिपोर्ट - प्रेम शंकर पाण्डेय

प्रगति फाउंडेशन के विविध आयोजनों की ग्रामीणों ने की सराहना

महिला किशोरियों में दिखा जबरदस्त उत्साह

रसड़ा(बलिया)। प्रगति फाउंडेशन रतनपुरा मऊ द्वारा गांव सिलहटा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर बताया गया कि 8 मार्च के  दिन का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, समानता व उनके योगदान को सम्मान देना है। इस अवसर पर  सिलहटा एवं नड़ौली ग्राम सभा के किशोरियों ,महिलाओं ने विभिन्न  सांस्कृतिक कार्यक्रम, रैलियां, सेमिनार के साथ ही जागरूकता अभियान आयोजित कर
संगठनों ने महिला सशक्तिकरण पर चर्चा की।

वक्ताओं ने महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर जोर दिया। कई स्थानों पर सफल महिलाओं को सम्मानित भी किया गया,  महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी।


संस्था निदेशक अंजली  ने कहा कि समाज में वास्तविक समानता तब ही संभव है जब महिलाओं को शिक्षा, अवसर और निर्णय लेने का बराबर अधिकार मिले।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह समाज को यह याद दिलाता है कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके सम्मान के लिए निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। यह दिन महिलाओं की उपलब्धियों को पहचानने और भविष्य में उन्हें और सशक्त बनाने की प्रेरणा देता है।

इस अवसर पर ग्राम प्रधान लालबहादुर राजभर,परियोजना समन्वयक विमलेश तिवारी, वंदना, अंजली, स्वाति, शिवानी,निर्जला, वंदना सहित सैकड़ो ग्रामीण महिलाएं और किशोरियां मौजूद रही।