श्रीराम वनगमन प्रसंग सुन भावुक हुए श्रद्धालु
रिपोर्ट- प्रेम शंकर पाण्डेय
भगवान श्रीराम के चरित्र से ले प्रेरणा -- धन्नजय महाराज
कासिमाबाद (गाजीपुर)। क्षेत्र स्थित ग्राम पाली में शिवमंदिर परिसर में चल रही श्रीराम कथा के छठे दिन बुधवार को कथा व्यास पंडित धन्नजय गर्ग जी महाराज ने भगवान श्रीराम के वन गमन का प्रसंग सुनाया। इस दौरान श्रद्धालु भावुक हो उठे और पूरा पंडाल 'जय श्रीराम' के उद्घोष से गूंज उठा।

महाराज श्री ने बताया कि भगवान श्रीराम ने पिता महाराज दशरथ की आज्ञा का सहर्ष पालन करते हुए वनवास स्वीकार किया। माता सीता और भ्राता लक्ष्मण भी उनके साथ वन जाने को तैयार हो गए। उन्होंने कहा कि श्रीराम ने अपने जीवन से त्याग, आज्ञापालन और मर्यादा का संदेश दिया। यह प्रसंग सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।

कथा व्यास ने वर्तमान समय में श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज में प्रेम, त्याग और संस्कार तभी मजबूत होंगे, जब लोग भगवान राम के चरित्र से प्रेरणा लेंगे।

कथा स्थल पर भजन-कीर्तन और श्री रूद्र महायज्ञ के आयोजन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया। आयोजन समिति व युवा टीम ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की थी।
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