पंचमंदिर में शरद पूर्णिमा पर खुले आसमान के नीचे विराजे भगवान
रिपोर्ट - प्रेम शंकर पाण्डेय
कासिमाबाद (गाजीपुर)। निकटवर्ती गांव पाली स्थित श्री राधे कृष्ण पंचमंदिर में शरद पूर्णिमा के अवसर पर भगवान को मंदिर से बाहर लाकर खुले आसमान के नीचे विराजमान करने की परंपरा निभाई जाती है।जिसका निर्वहन मंदिर पुजारी मुनींद्र दास महाराज जी ने भक्तों संग रविवार को शरद पूर्णिमा के दिन किया।इस दौरान भगवान को सफेद वस्त्र अर्पित किए गए। संध्या में मंदिर परिसर में ही खुले आसमान के नीचे भगवान का दरबार सजाया गया, जहां श्रद्धालु दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते है.

संतोष वर्मा ने बताया कि राधे कृष्ण पंचमंदिर के प्रति लोगों में व्यापक आस्था है. यहां गांव के श्रद्धालुओं के अलावा क्षेत्र सहित सुदूर से भी श्रद्धालु समय-समय पर पहुंचते हैं और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करते रहे । मंदिर पुजारी ने बताया कि शरद पूर्णिमा पर सफेद वस्त्र अर्पित करने और खुले आसमान के नीचे भगवान का दरबार सजाने की परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है. इस अनुष्ठान के दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की उपस्थिति से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है।भगवान के खुले आसमान के नीचे विराजमान होने और विशेष भोग अर्पित करने की परंपरा लोगों को आकर्षित करती है।इस दौरान पूरा क्षेत्र आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आता है। पंचमंदिर का यह अनुष्ठान शरद पूर्णिमा के अवसर पर पाली क्षेत्र की धार्मिक परंपरा की विशेष झलक प्रस्तुत करता है।
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